
नमस्कार! संस्कृतकी संभवतः सबसे प्रसिद्ध कविता है भगवद्गीता। जगतकी सैकड़ों भाषाओंमें इसका अनुवाद हो चुका है। जीवनका मार्ग दिखानेवाली यह अनमोल कृति है। अब समस्या यह है, की यदि आपको इसका आनंद कविताके रूपमें लेना है तो पहले संस्कृत सीखिए! क्योंकि लगभग सारे अनुवाद गद्य (प्रोज़) के रूप में हैं।परंतु अब आप इस वेबसाइट पर गीताका आनंद हिन्दी कविताके माध्यमसे ले सकते हैं।
पूरी ७०० श्लोकोंकी गीता का अनुवाद अब आपके सामने है। साथ साथ एक गीता सार भी – जो १८ अध्यायोंको३६ चौपाइयोंमें सारंशके रूप में दिखाता है। आप हिन्दी भाषाके प्रेमी हैं, या भगवद्गीताके संदेशके जिज्ञासु – आइए, चौपाईमें अनुवादित इस रचनाका आनंद लीजिए।
इस वेबसाइट के व्यतिरिक्त आप www.youtube.com/@21NotesHindi पर इसी अनुवादको वीडियो के रूप में भी देख सकते हैं।
और हाँ! यह संदेश तो सनातन है, और आज भी उपयुक्त है। तो आजके चलनके अनुसार, अगर अनुवाद
पसंद आया, तो लाइक और शेयर करना ना भूलें! यह बात केवल मैं नहीं कह रहा हूँ! गीताके अन्तके कुछ श्लोकों में श्रीकृष्ण भी ऐसा ही कुछ कहते हैं। आगे चलकर देखें ?